Tuesday, 15 November 2016

जन चर्चा में आज बातें गलियों से - एक चित्रण!- 2/2

"नोटबंदी एक ऐतिहासिक कदम है,भ्रष्टाचार और काला धन पर अंकुश लगेगा - सरकार।"
"इससे काले धन पर कोई अंकुश नहीं लगेगा बल्कि सफेद होगा - वामपंथी अर्थशास्त्री।"
"ऐसा क्यों कह रहे हैं?"
"सरकार को पूँजीवाद का मतलब ही नहीं मालूम है।"
"जनता को काफी परेशानी हो रही है - विपक्ष।"
"लगता है काला धन इसके पास भी है,इसलिए इसको खुजली हो रही है।"
"बाई,ड्राइवर,खाना वाली,होटल आदि में किस-किस को चेक से भुगतान करूँ? - एक परेशान आत्मा।"
"लगता है ये रोज ही होटल जाते हैं।"
"उतना अमीरी है,मैं जाता हूँ।"
"हद है।"
"इतना परेशानी मैं क्यों उठाऊँ? ड्राइवर अजीब तरह से बोल रहा है।"
"आप रोज बाई, ड्राइवर और खाना वाली को पैसा देते हैं क्या? ये काम तो 1-5 तारीख के बीच हो जाता है। जिनको महीने में एक बार दाल नसीब होती होगी वो आज चेक से भुगतान का बात रहे हैं,जबकि वास्तविकता यह है कि कभी चेक का इस्तेमाल किये नहीं और बघार रहे हैं। आखिर इनके लिए यहीं तो वो वक्त है,फिर ये वक्त आये या न आये,झूठी ही सही इज्जत तो बना लें।"