Tuesday, 18 October 2016

शतरंज का खेल - जो बहुत कुछ सिखाता है।

          सभी खेलों में मेरा पसंदीदा खेल रहा है। सतही स्तर पर देखने से तो यह मात्र चौसठ खानें और मात्र बत्तीस पीसेज(चौरस) का एक ढांचा लगता है उसमें भी सोलह तो पाउन(pawn,भारत में सैनिक) होते हैं जिनका साधारणतः कोई मोल नहीं होता। लेकिन इन सैनिकों की एक ख़ास बात होती है कि धीरे-धीरे ही सही जब अंतिम ब्रैकेट तक पहुँच जाते हैं तो क्वीन(Queen,भारत में मंत्री) में तब्दील हो जाते हैं जिसे शतरंज की दुनिया में सबसे ताकतवर पीस माना जाता है। यह होती है शतरंज में एक सैनिक की ताकत और यहीं ताकत हमारे समाज में मामूली सा दिखने वाला एक 'आम आदमी' में होता है जो अगर जीवन में आने वाली समस्याओं से जूझकर आगे बढ़ता रहेगा तो पूरी दुनिया का ताकतवर इंसान बन सकता है।

           ऐसा नहीं है कि शतरंज के खेल के नियम मानव जीवन पर लागू नहीं होते,होते हैं और हमसभी देखते भी हैं। धीरूभाई अंबानी,मार्क्स,प्रधानमंत्री मोदी,सोनेवाल,अब्दुल कलाम,लिंकन,शाहरुख खान और शिव खेड़ा जैसे शख्सियत समाज में शतरंज के खेल रुपी मामूली सिपाही(बहुत ही कमजोर) ही तो थे लेकिन चुनौतियों का सामना करते हुए आज QUEEN(मंत्री) बन गए जो किसी न किसी रूप में फैसले को आंशिक या पूर्णतः प्रभावित करने का मादा रखते हैं/थे।

            यह अपने आप में काफी ही रोचक और मजेदार खेल है। जिस प्रकार गैंबिट(gambit,जिसे opening या प्राथमिक चालों का सीरीज के रूप में समझ सकते हैं) पूरे शतरंज के लिए एक फ्रेम तैयार कर देता है चाहे आप सिसलियन डिफेन्स,इंडियन डिफेन्स,स्पेनिश डिफेंस या डेनिस डिफेन्स खेलें,प्रत्येक का तोड़ है लेकिन जरुरत है सही समय पर सही निर्णय सहित सटीक  moov(चाल) का जो सभी के लिए संभव नहीं होता। यहीं कारण है कि समाज के अधिकाँश जन Queen(मंत्री) बनने का जो सपना संजोकर रखे रहते हैं वह धरा का धरा ही रह जाता है।

            इसलिए अब तो आप समझ ही गए होंगे कि जिसतरह शतरंज के सभी प्यादे मंत्री नहीं बन पाते,इनमें कई तो अपनी चालों का शुरुआत भी नहीं कर पाते और कई एक-दो स्टेप चलने के बाद ही अधोगति को प्राप्त हो जाते हैं तो अब आपको सोचना है कि एक मामूली सा प्यादा रहकर ही अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेना है या चुनौतियों का सामना करके मंत्री बनकर दिखा देना है कि हम कोई साधारण प्यादा नहीं बल्कि हमारे अंदर असीम ऊर्जा है जिसके बदौलत समाज की बारीकियों को समझकर हम मुकाम हासिल कर सकते हैं।

 (''अगर आपमें में से किसी में 'नेक डाउन जमात' का गुण विकसित हो गया है तो क्वीन बनने के लिए इसे तत्काल त्यागने की जरुरत है")

- सुरेश आर गौरव