Saturday, 20 August 2016

पटना के 'इको पार्क' का एक रूप यह भी -

        इसकी कलात्मक खुबसूरती आपको मोह सकती है। पुनाई चौक,पटना से वाकिंग डिस्टेंस पर स्थित इस पार्क  का शुभारंभ 2011 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया था। इसकी देखरेख बिहार के पर्यावरण और जंगल विभाग के अंतर्गत है। इस पार्क का दूसरा नाम 'राजधानी वाटिका' भी है।

इस पार्क के मायने अलग-अलग व्यक्तियों के लिए भिन्न है पर अधिकांश का उद्देश्य एक ही है जो कभी वहाँ गए होंगे वे अच्छी तरह इस उद्देश्य से वाकिफ होंगे,ऐसा अनुमान लगाया जा सकता है।

यहां मौजूद वह कलाकृति जो यहां की आकर्षणमकता को बढा देता है,इसे देखकर प्रयास को सराहनीय कहा जा सकता है।

इसी में मौजूद एक कलाकृति है - ऊपर अनंत में विराजमान किसी देवों,मनुष्यों और कोई अन्य से कुछ मांगती हुयी महिला का यह तस्वीर(बनाने वाले ने आपके ऊपर छोर दिया है कि आप कैसा कयास लगाते हैं)।




कुछ ही दूरी पर स्थित डायना हेगन का कलाकृति तो अपने आप में आदर्श को छिपाए रखा है -


रजत घोष की उपस्थिति तो वाटिका की कलाकृति में चार चाँद लगा देता है-

 


सबसे आकर्षक जो लगभग सभी को लुभाता है,वह है - पार्क के दो भागों को जोड़ने वाला अंदरवे जिसमें लोगों जिनमें अधिकांश टीनऐजर हैं की किलकारियां और मजे में चिल्लाने की आवाज गूंजती रहती है।


नालंदा में मौजूद खंडहर के एक छोटे रूप का भी दर्शन हम इस वाटिका में करते हैं,जिसके तहत बिहार की विरासत को दिखाने का प्रयास किया गया है।


कई अन्य कलाकृतियां जो मन को मोह लेती है जिसे बड़े ही अदब से बनाया गया है।
 


पार्क के दोनों भागों में स्थित सरोवर और नाव की सवारी पूरे वाटिका को नए आयाम देने का प्रयास करते हैं।
 

रजत घोष के पास एक हमारी तस्वीर -


सभी फोटो - सुरेश कुमार पाण्डेय
लिखा गया - सुरेश कुमार पाण्डेय(20 अगस्त ,2016)
फोटो का समय - मार्च,2016